अगर मैं 5 सप्ताह की गर्भवती हूं तो मेरा बच्चा कितना बड़ा है?HealthPlanet

Posted on Mon 6th Feb 2023 : 14:07

लगभग संतरे या सेब के बीज जितना मतलब 0.13 इंच जितना। बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी यह अहम समय है क्‍योंकि इसी समय उसके दिमाग में न्‍यूरॉन्‍स का विकास होता है।

प्रेगनेंसी के पांचवे सप्‍ताह से गर्भावस्‍था के दूसरे महीने की शुरुआत होती है। इस सप्‍ताह में आते ही प्रेगनेंसी के कुछ लक्षणों से राहत मिल सकती है तो कुछ नए लक्षण भी देखने को मिल सकते हैं।

प्रेगनेंसी या गर्भावस्‍था के पांचवें हफ्ते की शुरुआत का मतलब है कि प्रेग्‍नेंसी का पहला महीना बीत गया है। अब बहुत सी महिलाओं को अपने गर्भवती होने का अहसास होने लगता है। इसी समय के आसपास डॉक्‍टर भी ड्यू डेट यानि बच्‍चे के जन्‍म की संभावित तारीख बता देते हैं।

ब्रेस्‍ट में दुखन
प्रेगनेंसी के सबसे पहले लक्षणों में से एक है ब्रेस्‍ट में दुखन। चूंकि इनका विकास होना शुरू हो जाता है इ‍सलिए दर्द आम है।

बार-बार यूरिन आना
आप को बार-बार पेशाब आने की इच्‍छा होने लगेगी। ऐसा आपकी किडनी में हुए बदलावों की वजह से होता है।

जी मिचलाना:
प्रेगनेंसी में इस समय पर महिलाओं को बार-बार जी मिचलाने की समस्‍या होने लगती है। खासकर सुबह उठते ही, इसलिए इसे मॉर्निंग सिकनेस भी कहा जाता है। दिन में कब कौन सी चीज की खुशबू बुरी लगने लगे कहा नहीं जा सकता। लेकिन कुछ महिलाओं का बिल्‍कुल भी नहीं मिचलाता जो कि सामान्‍य बात है।

थकान
पांचवें हफ्ते में अचानक बहुत थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है। शरीर को आराम की जरूरत होती है। ऐसे में थोड़े-थोड़े अंतराल पर कुछ देर के लिए नींद लेनी चाहिए। डाइट पर भी ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है ताकि शरीर में ब्‍लड शुगर लेवल कम न हो जाए और आपको एनर्जी मिलती रहे।

क्रैम्‍प्‍स
शरीर में हार्मोन्‍स के उतार-चढ़ाव और पानी की बढ़ती जरूरत की वजह से पैरों में क्रैम्‍प्‍स या ऐंठन की समस्‍या हो सकती है। यह सामान्‍य है, घबराएं नहीं पानी और दूसरे पेय पदार्थ लेती रहें।

हल्‍की ब्‍लीडिंग
इस समय कभी-कभी हल्‍की ब्‍लीडिंग नजर आती है। आपके शरीर में भ्रूण अपनी जड़ें जमा रहा है इसलिए बहुत थोड़ी मात्रा में ब्‍लड आना सामान्‍य है। लेकिन ज्‍यादा हो तो फौरन अपनी डॉक्‍टर से संपर्क करें।
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मूड में उतार-चढ़ाव
चूंकि आपका शरीर अपनी सामान्‍य स्थिति में नहीं है, वहीं हार्मोन्‍स लेवल कम-ज्‍यादा होना भी आपके मूड को प्रभावित करता है। रिलेक्‍स रहें, खुश रहने की कोशिश करें।

शरीर में बदलाव
अभी भी आपके शरीर में कुछ खास बदलाव नहीं दिखेंगे। पेट का आकार भी आपको बढ़ा महसूस होगा लेकिन और लोग बिना बताए नहीं पहचा पाएंगे। इसके अलावा पिछले हफ्तों की तरह आपको अपने ब्रेस्ट में भारीपन और दर्द महसूस होगा। थकान और कमजोरी महसूस होने लगेगी। शरीर का तापमान कुछ ज्‍यादा रहेगा। चीजों को सूंघने की क्षमता बढ़ जाएगी।
हॉर्मोन्‍स का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा जो बार-बार मूड बिगड़ने के रूप में दिखाई देगा। ब्‍लास्‍टोसाइट के यूटेरस में इंप्‍लांट होने पर स्‍पॉटिंग दिखाई दे सकती है। मतलब खून की एक बूंद दिखाई दे सकती है।

बच्‍चे का विकास
इस समय आपके बच्‍चे का आकार बहुत छोटा है। लगभग संतरे या सेब के बीज जितना मतलब 0.13 इंच जितना। बच्‍चे के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी यह अहम समय है क्‍योंकि इसी समय उसके दिमाग में न्‍यूरॉन्‍स का विकास होता है। बच्‍चे के दिल, दिमाग और रीढ़ की हड्डी बन रही है और लगभग एक हफ्ते बाद आपके बच्‍चे का नन्‍हा सा दिल धड़कने लगेगा।

अल्‍ट्रासाउंड रिपोर्ट
आपके पांचवे सप्‍ताह में हुए अल्‍ट्रासाउंड में एक काला घेरा दिखाई देगा ठीक चौथे सप्‍ताह की तरह। यह एमनियोटिक सैक है। इसी में भ्रूण पनप रहा है।

डायट
जल्‍द ही आपको कैल्शियम की बहुत जरूरत होगी इसलिए दूध, पनीर, दही जैसी चीजें खाइए। इसके अलावा आपको कब्‍ज से बचने के लिए पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीना चाहिए। विटामिन सी वाले फल, हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और दालों को अपनी डायट में शामिल करें ताकि पर्याप्‍त पोषण मिल सके। जंक या फास्‍ट फूड से दूर रहें। कॉफी से परहेज करें। अब से जो भी खाएं उस पर ध्‍यान दें।


टिप्‍स
कच्‍चा खाना खाने से बचें, खासकर मांस-मछली। इससे इन्‍फेक्‍शन हो सकता है जो अबॉर्शन की वजह बन सकता है। पालतू जानवरों से भी बचें। स्‍वस्‍थ जीवनशैली अपनाएं, नशे वगैरह से दूर रहें। डॉक्‍टर ने जो फोलिक एसिड सप्‍लीमेंट दिया है उसे नियमित रूप से लेती रहें।
तनाव से दूर रहें। हल्‍की-फुल्‍की कसरत करें लेकिन ज्‍यादा उछल-कूद से बचें। अभी कहीं यात्रा न करें। कोई भी दवा लेने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह जरूर ले लें। शुरुआती सप्‍ताहों में पपीता, अनानास जैसे फल न खाएं जिनसे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। पहले गर्भपात हुआ हो तो इस दौरान शारीरिक संबंधों से परहेज करें।

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